न्यूयॉर्क: संयुक्त राष्ट्र में भारत के खिलाफ प्रोपेगेंडा फैलाने पहुंचे बिलावल भुट्टो को अंतर्राष्ट्रीय पत्रकार ने दुनिया के सामने धो डाला है। बिलावल भुट्टो जब यूनाइटेड नेशंस के पत्रकारों के सामने भारत के ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र कर रहे थे और दावा कर रहे थे कि 22 अप्रैल को पहलगाम आतंकी हमले के बाद ‘भारत में मुसलमानों को शैतान बताया जा रहा है’ उस दौरान इंटरनेशनल पत्रकार ने बिलावल भुट्टो की बोलती बंद कर दी। आपको बता दें कि बिलावल भुट्टो को भी पाकिस्तान ने भारत की नकल करते हुए अमेरिका में अपना नैरेटिव फैलाने के लिए भेजा है। इस दौरान वो संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस, महासभा के अध्यक्ष फिलेमोन यांग और सुरक्षा परिषद की अध्यक्ष कैरोलिन रोड्रिग्स-बिर्केट के साथ बैठक करने के लिए पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल के साथ अमेरिका में हैं।
संयुक्त राष्ट्र में जब बिलावल भुट्टो पत्रकारों को संबोधित कर रहे थे और मुसलमानों को लेकर भारत के खिलाफ जहर उगल रहे थे, उस दौरान एक विदेशी पत्रकार ने कहा कि उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत की सैन्य ब्रीफिंग को व्यक्तिगत रूप से देखा था, जिसका नेतृत्व एक मुस्लिम सैन्य अधिकारी सोफिया कुरैशी कर रही थीं। आपको बता दें कि बिलावल भुट्टो को भेजने के लिए पाकिस्तान के अंदर ही शहबाज सरकार की आलोचना हो रही है। इसके अलावा शहबाज सरकार पर आरोप लग रहे हैं कि वो सिर्फ उन्हीं मुस्लिम देशों से बात कर रहे हैं, जो पहले से ही भारत के खिलाफ पाकिस्तान के साथ रहे हैं। इसमें कुछ नया नहीं है।
बिलावल भुट्टो को यूएन के मंच पर हो धोया गया
आपको बता दें कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय सेना की तरफ से मीडिया ब्रीफिंग दो वरिष्ठ महिला अधिकारी भारतीय सेना के सिग्नल कोर की कर्नल सोफिया कुरैशी और भारतीय वायु सेना की हेलीकॉप्टर पायलट विंग कमांडर व्योमिका सिंह कर रही थीं। उनके साथ भारत के विदेश सचिव विक्रम मिस्री मौजूद थे। पाकिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो जब यूएन के पत्रकारों को संबोधित कर रहे थे और विदेशी पत्रकार ने कर्नल सोफिया कुरैशी का जिक्र किया तो बिलावल ने कहा कि ‘हां ये बात सही है।’ इसके अलावा बिलावल भुट्टो ने माना कि संयुक्त राष्ट्र में कश्मीर मुद्दे को उठाने के पाकिस्तान के प्रयासों को महत्वपूर्ण झटका लगा है। उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि “जहां तक संयुक्त राष्ट्र और सामान्य तौर पर कश्मीर मुद्दे का सवाल है, हमारे सामने आने वाली बाधाएं अभी भी मौजूद हैं।”